आज तू मुझसे कितना दूर,मैं तुमसे कितना दूर ,
इस दिल के अरमां , आज कितने है तुमसे दूर ,
न तुमने समझा , न मैंने समझा ,
न समझ पाया दिल
ये अरमां है, जो निकल रहे है अश्को से,
आज तू मुझसे कितना दूर,मैं तुमसे कितना दूर ,
मैंने हर रीति तुझसे निभाई ,
फिर भी हमारे बीच क्यों आई जुदाई ,
न तुमने समझा , न मैंने समझा ,
मेरे हर लब पर तेरा नाम है ,
मेरे हर अश्क पर तेरा नाम है ,
आज तू मुझसे कितना दूर,मैं तुमसे कितना दूर ,
रचना- रितेश मिश्रा (विश्वाश )
रचना- रितेश मिश्रा (विश्वाश )
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