Wednesday, 3 April 2013

आज तू मुझसे कितना दूर,मैं तुमसे कितना दूर ,



आज तू मुझसे कितना दूर,मैं तुमसे कितना दूर ,
इस दिल के अरमां , आज कितने है तुमसे दूर ,
न तुमने समझा , न मैंने समझा ,
न समझ पाया दिल 
ये अरमां  है, जो निकल रहे है अश्को से,
आज तू मुझसे कितना दूर,मैं तुमसे कितना दूर ,

मैंने हर रीति तुझसे निभाई , 
फिर भी हमारे बीच क्यों आई जुदाई ,
न तुमने समझा , न मैंने समझा ,
मेरे हर लब पर तेरा नाम है ,
मेरे हर अश्क पर तेरा नाम है ,
आज तू मुझसे कितना दूर,मैं तुमसे कितना दूर ,

                                                          रचना- रितेश मिश्रा (विश्वाश )

No comments:

Post a Comment